STORYMIRROR

ना खुश हूं क्या भूल पाओगे तुम तेरे बिन ना खाली हूं सच हूं मैं आपा जान मैं हीं संकटहरण कर्ता हूं सालों लोग क्या कहेंगे क्या सोचेंगे डर नज़रिया ना उदास हूं अपराधीसजा लेखक हूं अलग नज़रिया रखता हूं गलत क्या है मिली तो क्या प्रकृति चाय पसंद करे सब इसलिए लिखता हूं दुनिया दिखती जो वो लिखता हूं

Hindi नज़रिया जान ले लिखता क्या हूं Quotes